धौरपुर पूर्व राजपरिवार में मिलीं दुर्लभ धार्मिक पांडुलिपियां
रायपुर : सरगुजा जिले में संचालित ज्ञानभारतम पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत लगातार दुर्लभ एवं ऐतिहासिक पांडुलिपियां सामने आ रही हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से ताड़पत्रों पर लिखित रामायण, महाभारत, पुराण, तंत्र-मंत्र एवं साधना से जुड़ी महत्वपूर्ण पांडुलिपियों का संग्रह और दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में धौरपुर के पूर्व राजपरिवार से 11 दुर्लभ धार्मिक एवं तांत्रिक पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं।
विशेष पांडुलिपियों की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं ज्ञानभारतम पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान की जिला स्तरीय समिति के नोडल अधिकारी विनय अग्रवाल अंबिकापुर स्थित पांडुलिपि संरक्षक मार्तण्ड सिंह देव के निवास पहुंचे। इस दौरान मार्तण्ड सिंह देव के पुत्र आदित्य सिंह देव ने पांडुलिपियों का विस्तृत परिचय दिया।
उन्होंने बताया कि कवि स्वर्गीय रामनाथ भट्ट ने महाराजा रघुनाथ शरण सिंह देव की आज्ञा से वर्ष 1959 में 62 पृष्ठों में अर्कसेल वंशावली की रचना की थी। इसके अतिरिक्त स्वर्गीय सूर्य प्रताप सिंह देव के निर्देश पर राजपुरोहित द्वारा वनदुर्गा महाविद्या (52 पृष्ठ), काली तंत्र (133 पृष्ठ) तथा तत्कालीन महाराजा के आदेश पर पंडित देवदत्त द्वारा यंत्र-मंत्र वशीकरण मंत्र (48 पृष्ठ) लिखे गए थे।
अभियान के दौरान वर्ष 1842 में लिखित वनदुर्गा महामंत्र पांडुलिपि की जानकारी भी प्राप्त हुई। इसके अलावा नीलकंठ स्तोत्र, अदकाली तंत्र, महामोहन मंत्र, विष्णु सहस्त्रनाम रुद्रशाप विमोचन मंत्र तथा हनुमान स्तोत्र जैसी महत्वपूर्ण पांडुलिपियां भी संरक्षित मिली हैं।
जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल ने पांडुलिपियों के डिजिटल संरक्षण एवं अपलोडिंग प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा स्वयं पोर्टल पर पांडुलिपियों को अपलोड किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित करने की दिशा में यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। पांडुलिपियां केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखना आवश्यक है।
एन्थ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, जगदलपुर से आए सरगुजा जिले के प्रभारी अधिकारी हरनेक सिंह ने इन पांडुलिपियों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर जिला समिति सदस्य श्रीश मिश्र द्वारा सीतापुर से आए सर्वेक्षकों को पांडुलिपि अपलोड प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम में ज्ञानभारतम जिला स्तरीय समिति सदस्य एवं संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शारदा अग्रवाल तथा सर्वेक्षक गौरव पाठक उपस्थित रहे।
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