बागी सांसद को राउत की दो टूक, कहा- डराने की राजनीति नहीं चलेगी
मुंबई। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए मुंबई उत्तर-पूर्व के सांसद संजय दीना पाटिल और ठाकरे गुट के नेता संजय राउत के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है। शिंदे गुट में शामिल होने के बाद संजय दीना पाटिल द्वारा दिए गए एक आक्रामक बयान पर मंगलवार को संजय राउत ने तीखा पलटवार किया। राउत ने न सिर्फ पाटिल को खुली चुनौती दी, बल्कि उन पर करोड़ों रुपये लेकर पार्टी बदलने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
क्या था संजय दीना पाटिल का बयान
दरअसल, पार्टी बदलने के बाद संजय दीना पाटिल ने अपने विरोधियों को सीधे तौर पर चेतावनी दी थी। उन्होंने हाथ से बंदूक चलाने का इशारा करते हुए कहा था कि अगर किसी ने उनके या उनके परिवार की तरफ गलत नजर से देखा या पंगा लेने की कोशिश की, तो उसे या तो अस्पताल जाना पड़ेगा या फिर सीधे श्मशान घाट पहुंचना होगा। पाटिल ने यह भी कहा कि उन्हें किसी पुलिस सुरक्षा की जरूरत नहीं है। उनके इस तीखे और इशारों-इशारों में गोली मारने वाले बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया।
संजय राउत का पलटवार, कहा- 'बंदूक मत दिखाओ'
संजय दीना पाटिल के इस बयान पर मुंबई में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने बेहद कड़े लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि शिवसैनिकों को बंदूक दिखाकर डराने की कोशिश न की जाए। राउत ने सीधे चुनौती देते हुए कहा, "मैं तुमसे पंगा लेता हूँ, मुझे बंदूक मत दिखाओ। मैं यहीं भांडुप में रहता हूँ। गद्दारी करके 50 करोड़ रुपये लिए हैं तो अब चुप बैठो, बंदूक की भाषा मत करो।" राउत ने कहा कि अगर पाटिल को कोई शिकायत या मतभेद था, तो उन्हें 'मातोश्री' जाकर उद्धव ठाकरे के सामने अपनी बात रखनी चाहिए थी, न कि इस तरह पीठ में छुरा घोपकर पार्टी छोड़नी चाहिए थी।
पैसे लेने के गंभीर आरोप
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके पास पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के पैसों के लेन-देन का पूरा कच्चा चिट्ठा मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन बागी नेताओं के पास 13 जून को 15 करोड़ रुपये और 14 जून को 5 करोड़ रुपये आए, जिसके बाद इन्होंने दिल्ली का व्हिप मानने से इनकार कर दिया। राउत के मुताबिक, बाकी के बचे हुए 35 करोड़ रुपये भी इन्हें बाद में मिल गए। उन्होंने कहा कि पैसों के दम पर यह गद्दारी की गई है।
टिकट और बेटी की उम्मीदवारी पर विवाद
दोनों नेताओं के बीच संजय दीना पाटिल की बेटी राजुल पाटिल के टिकट को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। पाटिल का दावा था कि उन्होंने या उनकी बेटी ने बीएमसी चुनाव के लिए टिकट नहीं मांगा था, बल्कि सिर्फ मनसे को रोकने के लिए उन्हें टिकट दिया गया था। इस पर पलटवार करते हुए संजय राउत ने कहा कि टिकट के लिए संजय दीना पाटिल ने खुद पार्टी पर भारी दबाव बनाया था और टिकट न मिलने की स्थिति में इस्तीफा देने तक की धमकी दी थी, और अब टिकट मिलने के बावजूद वे सफेद झूठ बोल रहे हैं।
कल्याण बनर्जी के खिलाफ सख्त कदम, पूरे मानसून सत्र तक लोकसभा में एंट्री पर रोक
भीषण सड़क हादसे से दहला पठानकोट, दो की मौत के बाद भड़का लोगों का गुस्सा
वकीलों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, दिल्ली लाठीचार्ज पर कानपुर में गरजा विरोध
जिम्बाब्वे ने किया स्क्वॉड का ऐलान, डेब्यू का इंतजार खत्म; त्सिगा पहली बार टीम में
वृंदावन में आध्यात्मिक यात्रा पर विराट-अनुष्का, प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर लिया आशीर्वाद
भारत में बनेगी चिप पैकेजिंग की नई ताकत, सरकार ने तैयार किया बड़ा रोडमैप
छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा तोहफा, अग्निवीरों के लिए आरक्षण और किसानों के लिए नई पहल
बिलासपुर पुलिस का सख्त प्लान, अपराधियों की हर गतिविधि पर रखी जाएगी नजर
तमिलनाडु में डेंगू के खिलाफ नई रणनीति, QDENGA वैक्सीन को मिली मंजूरी
कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग, पेट्रोल-डीजल के दामों पर नजर