छतरपुर। मदर्स डे के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विश्वनाथ कॉलोनी स्थित सेवाकेंद्र पर मातृ शक्ति के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें शहर की प्रतिष्ठित बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं केक कटिंग के साथ की गई एवं बहन अंजलि एवं शिवांशी के द्वारा मातृ शक्ति की महिमा का नृत्य प्रस्तुत कर कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
मातृ दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कमला बहन ने बताया कि मां शब्द केवल भारत देश के लिए उपयोग किया जाता जाता है अन्य देश के लिए नहीं। हम कभी नहीं कहते पाकिस्तान माता की जय या अमेरिका माता की जय। हम कहते हैं भारत माता की जय। उन्होंने कहा यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो माता और बहनों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए उनकी भूमिका को बढ़ाना होगा।
वहीं ब्रह्माकुमारी विश्वनाथ कॉलोनी सेवाकेंद्र प्रभारी बीके रमा ने मातृ दिवस पर यज्ञ के इतिहास पर सबका ध्यान खिंचवाएगा उन्होंने कहा कि संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका जिन्हें हम सभी मम्मा जगदंबा सरस्वती कहते थे उनके त्याग तपस्या से ही आज यह संस्था यहां तक पहुंची है। उन्होंने हर कार्य खुद करके बहनों को करना सिखाया है। वह त्याग की प्रतिमूर्ति थी। हमको भी उनका अनुसरण करना चाहिए तब हम एक आदर्श मां बन सकते हैं। कई उदाहरण देकर के आपने अपनी बात को स्पष्ट किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से गहोई कोई समाज अध्यक्ष मनीषा डेंगरे, संगम शिवालय से अंजू अवस्थी, वार्ड मेंबर अलका जी, गवर्नमेंट स्कूल से रिटायर्ड प्रिंसिपल मीना सिंह, पुष्पा चौरसिया, भारती चौरसिया मौजूद रही। आप सभी ने भी अपने वक्तव्य में उपस्थित बहनों एवं माता को संबोधित करते हुए कहा कि मां केवल जन्म देने वाली ही नहीं बल्कि बच्चों के जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों का बीजारोपण करने वाली प्रथम गुरु होती है। मां के स्नेह, सहनशीलता और त्याग से ही परिवार एवं समाज में सुख शांति की स्थापना होती है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन बी के रीना बहन ने किया और अंत में बी के कमल देशमुख ने राजयोग के माध्यम से सबके मन का तार प्रभु परमात्मा से जोड़ दिया। सभी के चेहरे पर खुशी की लहर थी अंत में सभी ने एक दूसरे का मुख मीठा कराया और  मदर्स डे की बधाई दी।